2018 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा ने 11 जून को बालाघाट जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर निवर्तमान एसपी नगेंद्र सिंह भी मौजूद रहे, जिन्हें इस मौके पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। नगेंद्र सिंह के कार्यकाल की सराहना सभी अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने की।
कानून-व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन पर होगा फोकस
पदभार संभालने के बाद एसपी आदित्य मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात कही। उन्होंने नक्सली गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण, आपराधिक मामलों में तेजी से कार्रवाई और जिले में शांति, सुरक्षा व न्याय की भावना को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्रमुख उद्देश्य “मिशन 2026” के अंतर्गत बालाघाट को अपराध और नक्सल गतिविधियों से मुक्त बनाना है।
read also: बालाघाट में कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने गिनाई केंद्र सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं

नक्सल ऑपरेशनों में अनुभव और वीरता पदकों से सम्मानित
बालाघाट जैसे नक्सल प्रभावित जिले के लिए आदित्य मिश्रा की नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी वे बालाघाट में अपर पुलिस अधीक्षक और नक्सल ऑपरेशन के एएसपी के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्हें दो बार नक्सल विरोधी अभियानों में बहादुरी के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
डबलमनी केस में निभाई थी अहम भूमिका
आदित्य मिश्रा पूर्व में इंदौर में पुलिस उपायुक्त के रूप में कार्यरत रह चुके हैं और प्रदेश के चर्चित डबलमनी घोटाले की जांच में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनके पुनः बालाघाट आगमन से ठंडे पड़ चुके इस मामले में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। मिश्रा को एक तेजतर्रार और निडर पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जिनसे जिलेवासियों को काफी उम्मीदें हैं।
मेरा नाम भूमेन्द्र बिसेन है। मैं TazaSanket.in का संस्थापक और एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूं। इस पोर्टल के जरिए मैं मध्य प्रदेश, खासकर बालाघाट की विश्वसनीय लोकल खबरें पहुंचाता हूं। डिजिटल पत्रकारिता में मुझे 4 वर्षों का अनुभव है और मेरा उद्देश्य समाज की सच्चाई को उजागर करना है।





