कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंहार कल दोपहर 1 बजे वारासिवनी पहुंचेगे। यह आगमन संगठन सृजन अभियान के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य आगामी नगर निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए कांग्रेस संगठन को सुदृढ़ बनाना है। उनके आगमन से यह स्पष्ट होगा कि वारासिवनी कांग्रेस में किस स्तर का परिवर्तन हो रहा है और क्या संगठन नई ऊर्जा से भर रहा है।
संगठन स्तर पर बहस: ब्लॉक अध्यक्षों और विधायक के बीच
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद वारासिवनी में ब्लॉक अध्यक्षों की कई बैठकों में उपस्थिति न रहने की ख़बरें सामने आई थीं। इससे चर्चाएं तेज हो गईं कि ब्लॉक स्तर पर संगठन कमजोर हो गया है और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष व्याप्त है। हालाँकि, राहुल गांधी की मध्यप्रदेश यात्रा के दौरान प्रदेशभर में संगठन सृजन अभियान शुरू हुआ, जिसके बाद स्थानीय नेताओं को फिर से सक्रियता दिखाने का निर्देश दिया गया।

जिला अध्यक्ष चयन में आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी
राहुल गांधी द्वारा सभी 55 जिलों में समन्वयकों की नियुक्ति की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, उमंग सिंहार और आगामी लखन गंगोरिया वारासनी व खलांजी में कार्यकर्ताओं से मिलकर उनके सुझाव लेंगे और जिला अध्यक्ष के चुनाव में आम कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस प्रक्रिया में साधारण कार्यकर्ता ही यह तय करेंगे कि कौन स्थानीय नेतृत्व योग्य है।
विधायक आदेश और नेतृत्व की दिशा
विधायक विवेक पटेल ने बताया कि राहुल गांधी ने साफ निर्देश दिया है कि युवा, समर्पित, 45 वर्ष के आसपास के कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदारी दी जाए। जो कार्यकर्ता मुद्दों को लेकर संवाद कर सके और संगठन को आगे ले जा सके, वही नेतृत्व में आएगा। इसके अलावा, चयनित नेताओं को विधायक और प्रदेश कार्यकर्ता दल द्वारा भी समर्थन मिलेगा।
किसानों के मुद्दों पर संघर्ष जारी
विधायक पटेल ने केंद्र सरकार की किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य ना देने की नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस अब किसानों की लड़ाई में सक्रिय हो रही है। बालाघाट, निवाड़ी सहित स्थानीय किसान मोर्चों पर धान और रबी फसलों की बचे-खड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। पटेल ने राज्य की नाराजगी पर जोर देते हुए कहा कि संगठन सिर्फ चुनावों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कार्यकर्ता जनहित से जोड़कर आंदोलनरत भी रहेगा।
नई ऊर्जा के साथ कांग्रेस का भविष्य
कल उमंग सिंहार की आगमन यात्रा से स्पष्ट संकेत मिलेंगे कि कांग्रेस ने वारासनी में नई राह चुनी है—जहां पहले बड़े नामों की चर्चा होती थी अब स्तर पर ऊर्जा तेज होगी। कार्यकर्ताओं की भागीदारी, युवा नेतृत्व और संघर्षशील मुद्दों के साथ कांग्रेस एक नई सक्रियता के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है।
मेरा नाम भूमेन्द्र बिसेन है। मैं TazaSanket.in का संस्थापक और एक प्रोफेशनल ब्लॉगर हूं। इस पोर्टल के जरिए मैं मध्य प्रदेश, खासकर बालाघाट की विश्वसनीय लोकल खबरें पहुंचाता हूं। डिजिटल पत्रकारिता में मुझे 4 वर्षों का अनुभव है और मेरा उद्देश्य समाज की सच्चाई को उजागर करना है।





