सरेखा रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे बहुप्रतीक्षित ओवर ब्रिज का प्रथम फेज लगभग पूरा हो चुका है। सेतु विभाग के अनुसार, 15 जून के बाद इस फेज में सरेखा बायपास से होते हुए गोंदिया रोड मार्ग को एल-शेप में शुरू कर दिया जाएगा, जिससे भारी वाहनों के दबाव को कम किया जा सकेगा। यह निर्णय बारिश के मौसम को देखते हुए लिया गया है ताकि ओवर ब्रिज के नीचे बनने वाली सर्विस रोड के कार्य को सुगमता से आगे बढ़ाया जा सके।
अगस्त तक पूरी तरह सुचारु होगा ओवर ब्रिज
सेतु विभाग के एसडीओ ने जानकारी दी कि सरेखा ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। विभाग ने अगस्त 2025 तक पूरे ब्रिज को चालू करने की डेडलाइन तय की है। हालांकि पहले इस कार्य की समय सीमा 25 मई 2025 निर्धारित की गई थी, लेकिन निर्माण में हुई देरी के कारण अब इसे 5 जुलाई से आगे बढ़ाकर अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

तकनीकी कार्य शेष, विद्युत लाइनें बनीं चुनौती
इस ओवर ब्रिज की कुल लागत 38.67 करोड़ रुपये है, जिसकी लंबाई 99.44 मीटर और ऊंचाई लगभग 7.30 मीटर है। बालाघाट की ओर इसकी लंबाई 180 मीटर, गोंदिया की ओर 240 मीटर और बायपास साइड 141 मीटर है। वाई-आकार के इस ब्रिज में रेलवे ट्रैक पर ब्रिज निर्माण का कार्य रेलवे विभाग कर रहा है, जबकि बाकी कार्य सेतु संभाग के अधीन हैं। हालांकि विद्युत पोलों की शिफ्टिंग और केबल हटाने का कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है, जो आगामी निर्माण की गति को प्रभावित कर सकता है।
नागरिकों को अगस्त तक पूरी सुविधा मिलने की उम्मीद
विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि विद्युत संबंधित बाधाएं समय पर दूर हो गईं, तो अगस्त तक फ्लाईओवर और सर्विस रोड दोनों पूरी तरह चालू हो जाएंगे। फिलहाल 80% कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष दो स्लैब का कार्य अगले 15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। नागरिकों को जल्द ही आवागमन में राहत मिलने की पूरी संभावना है।
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