मिनी कूपर इलेक्ट्रिक की अगली जनरेशन में कंपनी लंबे समय से चली आ रही ड्राइवट्रेन परंपरा को बदल सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई इलेक्ट्रिक हैचबैक को रियर-व्हील ड्राइव प्लेटफॉर्म पर विकसित किया जा सकता है।
मिनी की पहचान लंबे समय से कॉम्पैक्ट आकार, छोटे ओवरहैंग और अलग डिजाइन के साथ फ्रंट-व्हील ड्राइव लेआउट से जुड़ी रही है। अब इलेक्ट्रिक मॉडल में यह फॉर्मूला बदलने की संभावना सामने आई है।
मिनी कूपर इलेक्ट्रिक में रियर-व्हील ड्राइव की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, अगली पीढ़ी की मिनी कूपर इलेक्ट्रिक को BMW के नए Gen6 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जा सकता है। यही प्लेटफॉर्म BMW iX3 और i3 जैसे इलेक्ट्रिक मॉडलों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस प्लेटफॉर्म में फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर का विकल्प नहीं होने के कारण मिनी कूपर इलेक्ट्रिक को रियर-व्हील ड्राइव सेटअप अपनाना पड़ सकता है।
हालांकि, BMW ने अभी इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कंपनी के डेवलपमेंट प्रमुख जोआखिम पोस्ट पहले रियर-व्हील ड्राइव की संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं कर चुके हैं।

BMW के लिए भी बदलेगा पुराना फॉर्मूला
इस बदलाव का असर केवल मिनी तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, BMW की अगली 1 सीरीज भी इलेक्ट्रिक होने पर Gen6 प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि BMW ने 2019 में एंट्री-लेवल 1 सीरीज को फ्रंट-व्हील ड्राइव प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया था। इसका उद्देश्य मिनी के पेट्रोल मॉडल के साथ विकास लागत साझा करना था।
अब इलेक्ट्रिक दौर में BMW और मिनी दोनों के प्लेटफॉर्म रणनीति में फिर बदलाव दिखाई दे सकता है।
GWM के साथ मौजूदा साझेदारी बदल सकती है
नई जनरेशन की इलेक्ट्रिक मिनी मौजूदा मॉडल के मुकाबले एक अलग तकनीकी आधार पर विकसित होने की उम्मीद है। वर्तमान इलेक्ट्रिक मॉडल चीन में GWM के साथ साझेदारी के तहत तैयार होता है।
यह मॉडल एक अलग प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसका इस्तेमाल थोड़े बड़े मिनी एसमैन में भी किया जाता है। नई इलेक्ट्रिक जनरेशन के आने के साथ यह साझेदारी समाप्त होने की संभावना जताई गई है।
पेट्रोल मिनी में जारी रह सकता है फ्रंट-व्हील ड्राइव
इलेक्ट्रिक मॉडल में बदलाव के बावजूद पेट्रोल से चलने वाली मिनी के लिए स्थिति अलग रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल मॉडल BMW के मौजूदा प्लेटफॉर्म पर आधारित रहने की संभावना है।
इसमें भविष्य में हाइब्रिड पावरट्रेन का विकल्प भी जोड़ा जा सकता है। यानी मिनी के इलेक्ट्रिक और पेट्रोल मॉडल तकनीकी रूप से अलग रास्ते अपना सकते हैं।
डिजाइन में दिखेगा Mini का पुराना अंदाज
मिनी के डिजाइन प्रमुख होल्गर हैम्पफ ने संकेत दिया है कि कंपनी अगली पीढ़ी के मॉडलों पर काम शुरू कर चुकी है। उनका जोर मिनी की पहचान को बनाए रखने पर है।
उनके अनुसार, कार के कॉम्पैक्ट अनुपात, छोटे ओवरहैंग और कोनों पर मौजूद पहिए इसकी पहचान का अहम हिस्सा हैं। गोल हेडलाइट्स और ग्रिल भी मिनी के खास डिजाइन संकेतों में शामिल हैं।
नई पीढ़ी के डिजाइन में R50 सीरीज से प्रेरणा मिलने की संभावना भी जताई गई है। यही सीरीज BMW के स्वामित्व वाले दौर की शुरुआती मिनी कारों से जुड़ी रही है।
अगर रियर-व्हील ड्राइव वाला नया प्लेटफॉर्म अपनाया जाता है, तो मिनी कूपर इलेक्ट्रिक की तकनीकी पहचान में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, अंतिम जानकारी BMW की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।