नाइजीरिया के 20 वर्षीय आविष्कारक खलीफा अमीनू ने दृष्टिबाधित लोगों की मदद के लिए AI स्मार्ट चश्मा विकसित किया है। यह डिवाइस सामने मौजूद बाधाओं को पहचानने, लोकेशन की जानकारी देने और उपयोगकर्ता को आवाज के जरिए जरूरी सूचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
कानो निवासी अमीनू ने अपने इस प्रोजेक्ट का नया संस्करण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रदर्शित किया। उनके अनुसार, चश्मे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ सेंसर और GPS तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
AI स्मार्ट चश्मा कैसे करेगा मदद
इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित और कम दृष्टि वाले लोगों को आसपास के वातावरण को समझने में सहायता देना है। चश्मा सामने मौजूद वस्तुओं और संभावित बाधाओं का पता लगाने के लिए सेंसर का इस्तेमाल करता है।
इसके जरिए उपयोगकर्ता को रास्ते में मौजूद चीजों के बारे में जानकारी देने और बाधाओं से बचने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
GPS से मिलेगी लोकेशन की जानकारी
इस डिवाइस में GPS तकनीक भी शामिल की गई है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता अपनी लोकेशन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
आविष्कारक के मुताबिक, यह तकनीक केवल वस्तुओं की पहचान तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों को आसपास के वातावरण में अधिक स्वतंत्रता के साथ चलने में मदद करना भी है।
AI वॉयस तकनीक से संवाद
चश्मे में AI आधारित वॉयस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता को आवश्यक जानकारी आवाज के माध्यम से उपलब्ध कराना है।
इस तरह डिवाइस स्क्रीन देखने की जरूरत को कम करते हुए आसपास की स्थिति समझने में मदद कर सकता है।
केयरगिवर से जुड़े फीचर भी शामिल
इस प्रोजेक्ट में ऐसे फीचर्स भी बताए गए हैं, जो उपयोगकर्ता को उनकी देखभाल करने वाले लोगों से जुड़े रहने में मदद कर सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डिवाइस में केयरगिवर अलर्ट की सुविधा भी शामिल की गई है।
इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता और उनकी देखभाल करने वाले व्यक्ति के बीच संपर्क को बेहतर बनाना है।
मनोरंजन से अलग है इसका उद्देश्य
आमतौर पर स्मार्ट चश्मों को मनोरंजन, फोटोग्राफी या संचार जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाता है। अमीनू का प्रोजेक्ट इससे अलग सामाजिक उपयोग पर केंद्रित है।
इस तकनीक को विशेष रूप से दृष्टिबाधित लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके अंतिम उत्पाद, कीमत या बड़े पैमाने पर उपलब्धता की पुष्टि नहीं की गई है।
अभी विकास के चरण में है प्रोजेक्ट
20 वर्षीय आविष्कारक का यह प्रोजेक्ट फिलहाल विकास के चरण में है। अमीनू ने इसका नवीनतम संस्करण सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है।
AI, सेंसर और GPS को एक ही डिवाइस में जोड़कर तैयार किया जा रहा यह चश्मा भविष्य में दृष्टिबाधित लोगों के लिए सहायक तकनीक के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकता है।