भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे अपनी Website और Mobile App पर एक अलग और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाला ट्राई मैंडेटेड पैक्स सेक्शन बनाएं, ताकि ग्राहकों को इस तरह के Recharge Voucher ढूंढने और उन तक पहुंचने में आसानी हो। यह निर्देश सीधे तौर पर उन ग्राहकों की शिकायतों के बाद जारी किया गया है, जिन्हें जरूरी Voucher खोजने में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
ग्राहकों की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
1 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया यह Order उन Consumer Complaints पर आधारित है, जिनमें Transparency की कमी और Telecom Platform पर ट्राई द्वारा अनिवार्य Voucher ढूंढने में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया गया था। ट्राई ने बताया कि सेवा प्रदाताओं की Website और App की जांच करने पर यह सामने आया कि ऐसे Voucher अक्सर प्रमुखता से नहीं दिखाए जाते थे, उन्हें अलग-अलग Category में छिपा दिया जाता था, या Users को इन्हें खोजने के लिए कई Screen और Page Navigate करने पड़ते थे।
ट्राई ने अपने Order में कहा कि विभिन्न Telecom Service Providers की Website और Mobile App की जांच करने पर प्राधिकरण ने पाया कि ट्राई द्वारा अनिवार्य किए गए Voucher न तो प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाते हैं और न ही आसानी से Accessible होते हैं। कुछ मामलों में इन Voucher को अलग-अलग Categories के तहत रखा जाता है, या ग्राहकों को इन्हें खोजने के लिए कई Pages या Screens के बीच से गुजरना पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार सही Voucher ढूंढने और उसे Subscribe करने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
Prepaid Recharge Section में पहला Tab होगा यह Section
नए निर्देश के मुताबिक “TRAI-Mandated Packs” नाम का यह Section Telecom Companies की Website और Mobile App पर Prepaid Recharge Section में सबसे पहले Tab के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस Section में ट्राई द्वारा अनिवार्य किए गए सभी तरह के अलग-अलग Voucher शामिल होने चाहिए, और इसे Operators के Exclusive Points of Sale पर भी स्पष्ट रूप से Display करना अनिवार्य होगा।
कंपनियों को मिली 30 दिन की Deadline
ट्राई ने सभी Telecom Service Providers को इस निर्देश का पालन करने के लिए 30 दिनों के भीतर Compliance Report सौंपने का भी समय दिया है। इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि ग्राहकों को अब अपनी जरूरत के मुताबिक Recharge Pack ढूंढने में पहले से कहीं ज्यादा आसानी होगी, और Telecom Companies की Website व App पर Transparency भी बढ़ेगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों है यह फैसला अहम
अक्सर ग्राहकों को शिकायत रहती थी कि सरकार द्वारा तय किए गए सस्ते और जरूरी Recharge Pack आसानी से नहीं मिल पाते, जबकि Companies अपने महंगे और Promotional Plan को ज्यादा प्रमुखता से दिखाती हैं। ट्राई के इस नए निर्देश के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि ग्राहकों को उनके अधिकार के मुताबिक सही जानकारी तुरंत मिल सकेगी, जिससे Recharge Process पहले से कहीं अधिक सरल और Transparent बन जाएगी। Telecom Companies के लिए अब यह सुनिश्चित करना अनिवार्य हो गया है कि उनकी Digital और Physical दोनों तरह की बिक्री व्यवस्था में ये निर्देश पूरी तरह से Implement हों।