फसल बीमा नई तकनीक के जरिए अब किसानों को अधिक पारदर्शी और तेज़ सेवाएं मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जोड़ते हुए फसल नुकसान का सटीक आकलन और समय पर बीमा क्लेम सुनिश्चित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
फसल बीमा नई तकनीक से क्या बदलेगा?
सरकार ने WINDS, YS-Tech, राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP), डिजीक्लेम मॉड्यूल और क्रॉप लॉस असेसमेंट ऐप (CLAP) जैसी तकनीकों को योजना में शामिल किया है। इन तकनीकों की मदद से मौसम की सटीक जानकारी, फसल उत्पादन का वैज्ञानिक आकलन और नुकसान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
WINDS और YS-Tech से होगा सटीक आकलन
WINDS नेटवर्क के माध्यम से देशभर में स्वचालित मौसम केंद्र और वर्षामापी यंत्र लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को हाइपरलोकल मौसम डेटा उपलब्ध होगा। वहीं YS-Tech तकनीक रिमोट सेंसिंग के जरिए फसल उपज का वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी, जिससे बीमा दावों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
डिजिटल पोर्टल से मिलेगा तेज क्लेम
राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP) के माध्यम से किसान ऑनलाइन पंजीकरण, बीमा रिकॉर्ड, प्रीमियम सब्सिडी और क्लेम की पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी कर सकेंगे। डिजीक्लेम मॉड्यूल से दावा राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
देरी पर लगेगा 12 प्रतिशत जुर्माना
सरकार ने बीमा कंपनियों और राज्य सरकारों के लिए भी सख्त नियम लागू किए हैं। यदि बीमा कंपनी समय पर क्लेम का भुगतान नहीं करती, तो उस पर 12 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह प्रीमियम सब्सिडी जारी करने में देरी होने पर राज्य सरकारों पर भी दंड का प्रावधान किया गया है।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था से फसल नुकसान का आकलन अधिक सटीक होगा, क्लेम प्रक्रिया तेज होगी और किसानों को बीमा राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाना है।